घर का वास्‍तु
 
क्‍या आपके घर में आये दिन कलह होती है? क्‍या घर में झगड़ों की वजह से आपका मन दिन भर तनाव से भरा रहता है या फिर घर में झगड़ों के कारण आपके कई काम रुक जाते हैं? यदि ऐसा है तो हो सकता है आपके घर का वास्‍तु ठीक नहीं हो।रसोई घर में पूजा की अल्‍मारी या मंदिर नहीं रखना चाहिए।
 
रसोई घर में पूजा की अल्‍मारी या मंदिर नहीं रखना चाहिए।
 
बेडरूम में भगवान के कैलेंडर या तस्‍वीरें या फिर धार्मिक आस्‍था से जुड़ी वस्‍तुएं नहीं रखनी चाहिए।
बेडरूम की दीवारों पर पोस्‍टर या तस्‍वीरें नहीं लगाएं तो अच्‍छा है। हां अगर आपका बहुत मन है, तो
प्राकृतिक सौंदर्य दर्शाने वाली तस्‍वीर लगाएं। इससे मन को शांति मिलती है, पति-पत्‍नी में झगड़े नहीं होते।
घर में शौचालय के बगल में देवस्‍थान नहीं होना चाहिए।
 
घर के मुखिया का बेडरूम दक्षिण-पश्चिम दिशा में अच्‍छा माना जाता है।
 
घर में घुसते ही शौचालय नहीं होना चाहिए।
 
परिवार में लड़ाई-झगड़ों से बचने के लिए ड्रॉइंग रूम यानी बैठक में फूलों का गुलदस्‍ता लगाएं।
 
घर के खिड़की दरवाजे इस प्रकार होनी चाहिए, कि सूर्य का प्रकाश ज्‍यादा से ज्‍यादा समय के लिए घर के अंदर आए। इससे घर की बीमारियां दूर भागती हैं।
 
घर की पूर्वोत्‍तर दिशा में पानी का कलश रखें। इससे घर में समृद्धि आती है।
 
घर के प्रवेश द्वार पर स्वस्तिक या ऊँ की आकृति लगाएं। इससे परिवार में सुख-शांति बनी रहती है।
 
वास्तुविज्ञान में बताया गया है बाहर से घर में आने वाले लोग भी कई बार नकारात्मक उर्जा लेकर आते हैं।
 
जिनके घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा होता है उनके घर में इस तरह के नकारात्मक उर्जा का प्रवेश नहीं हो पाता है।
 
मकान का मुख्‍य द्वार दक्षिण मुखी नहीं होना चाहिए। इसके लिए आप चुंबकीय कंपास लेकर जाएं। यदि आपके पास अन्‍य विकल्‍प नहीं हैं, तो द्वार के ठीक सामने बड़ा सा दर्पण लगाएं, ताकि नकारात्‍मक ऊर्जा द्वार से ही वापस लौट जाएं।
 
घर में छत के उपर पानी की टंकी की स्थापना दक्षिण-पश्चिम के कोने में करना चाहिए।
 
घर में उत्तर-पूर्व में या उत्तर दिशा की ओर नदीं या तालाब हो तो, शुभ परिणाम मिलते है। परन्तु पश्चिम दिशा की ओर नदीं या नाला बहता हो तो, शुभ नहीं माना जाता है।
 
भवन में उत्तर-दक्षिण दिशा के कक्ष में धातु के सिक्कों से भरा हुआ स्फटिक का कटोरा रखें। यह दिशा गृह स्वामी के नेतृत्व की दिशा मानी जाती है।
 
रसोई घर में अग्नि और पानी के बीच दूरी होनी चाहिए। अग्नि तत्व व पानी तत्व दोनों आपस में विरोधी होते है। अतः इनका पास-पास होना अशुभ माना जाता है।
 
घर में साफ-सफाई लगाते समय पानी में थोड़ा सा नमक मिला लेना चाहिए जिससे घर में सकारात्मक उर्जा का प्रवाह बना रहता है।
 
परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ खींचा हुआ चित्र किसी उपयुक्त स्थान पर लगाना चाहिए। घ्यान रहें कि सभी सदस्य प्रसन्न मुद्रा में मुस्कराते हुए दिखाई दे। यह चित्र दक्षिण-पश्चिम दिशा में लगाया जाये तो, ज्यादा उपयुक्त रहेगा।
 
दरवाजे के सामने पैर करके नहीं सोना चाहिए। यह वास्तु के अनुसार अशुभ माना जाता है। उपरोक्त सावधानी बरतने से परिवार में सुख व समृद्धि का वातावरण बना 
 
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